ये दोस्ती....

ये दोस्ती की कसम ले लो आज,
जिए है जो साथ तो मरेंगे भी साथ।
करते है ये वादा ज़माने से आज,
जिए है जो साथ तो मरेंगे भी साथ।।


था बचपन हसीं मां की आंचल का सहारा
बड़ा ही था प्यारा वो छोटा सा गांव हमारा
देखना मिलके लिखेंगे किताब एक दिन,
जिसमें होगा किस्सा सिर्फ हमारा तुम्हारा।
भले हम यहां से बड़े दूर ही पले है,
इस शहर में भी कंधे मिला कर चले हैं।

देंगे एक दिन दोस्ती की मिसाल,
जिए हैं जो साथ तो मरेंगे भी साथ।

ये दोस्ती की कसम ले लो आज.....×1


इस छोटी दुनिया में है बहुत दुनियादारी
एक कंधे पे तेरा हाथ एक पे जिम्मेदारी
मेरे दोस्त तू हमेशा गर मेरे साथ रहेगा,
कि हंसते हंसते बिता देंगे यह जिंदगानी।
करेंगे हमेशा सबका हित ही करेंगे,
चलेंगे सदा दिल के मुताबिक़ चलेंगे।


कोई न होगा मेरा यार तेरे बाद,
जिए हैं जो साथ तो मरेंगे भी साथ।

ये दोस्ती की कसम ले लो आज...×2


बचपन जो बीता शहर की कहानी आई
हां, बहुत झूम कर यह जवानी है आई
मैं तुझसे तू मुझसे ना होंगे जुदा कभी,
अपनी यारी में कि ऐसी रवानी है आई।
दोस्ती में क्या होगी ऐसी कुरबानी,
मेरे दोस्त तेरी खातिर दे दूं जिंदगानी।


खाते है कसम आज हम एक साथ,
जिए हैं जो साथ तो मरेंगे भी साथ।।

ये दोस्ती की कसम ले लो आज...×3





Copyright ©-
🖋️ Ankit Tripathi 🖋️







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